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युद्धभूमि से खेल के मैदान तक: भारतीय खेलों में राजपूत खिलाड़ियों की ऐतिहासिक विरासत

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भारतीय खेल इतिहास की परतें जब हम खोलते हैं, तो साफ दिखता है कि मैदान पर मिलने वाली कामयाबी सिर्फ शारीरिक दमखम का खेल नहीं है; इसके पीछे जाति, क्षेत्र और सांस्कृतिक परिवेश की एक गहरी भूमिका रही है। इसे समझने के लिए हमें समाज के अलग-अलग ढांचों को देखना होगा। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र के मराठी ब्राह्मणों का शुरुआती क्रिकेट की तरफ झुकाव इसलिए था क्योंकि इस खेल की प्रकृति- जैसे शारीरिक संपर्क (body contact) न होना और बहुत ज़्यादा भारी ताकत की जगह तकनीक व रणनीतिक सूझबूझ की ज़रूरत होना, उनके सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के बेहद करीब बैठी। दूसरी तरफ, हरियाणा के जाटों का कुश्ती (Wrestling) में जो आज दबदबा है, वह सीधे तौर पर वहां के देहाती अखाड़ों, खेती-किसानी से जुड़े मजबूत स्टैमिना और ब्रिटिश काल में 'सैन्य श्रम बाजार' (military labor market) का हिस्सा बनने की उनकी देसज पहचान से पैदा हुआ, जहां कुश्ती ही उनके पौरुष और सामाजिक गौरव का जरिया बनी। ठीक इसी सामाजिक और क्षेत्रीय ताने-बाने के बीच राजपूत खिलाड़ियों का खेल इतिहास में उभार अपनी एक बिल्कुल अलग और अनूठी कहानी बया...

पहलवान आंदोलन के 'फायदे-नुकसान' का त्रिवर्षीय बही-खाता

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जब जनवरी 2023 को जंतर-मंतर पर देश के दिग्गज पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला, तो शुरू में यह आंदोलन महिला सम्मान और न्याय की लड़ाई के रूप में दिखा, लेकिन आज तीन साल बीतते-बीतते यह पूरी तरह से सिद्ध हो चुका है कि यह आंदोलन व्यक्तिगत लाभ, राजनीतिक महत्वाकांक्षा और 'पब्लिक सेंटीमेंट' के साथ खेलने का ही जरिया था। जिस तरह केजरीवाल और उनकी टीम ने 'India Against Corruption' के जरिए सत्ता की सीढ़ी चढ़ी, ठीक वैसा ही कुछ यहाँ भी देखने को मिला। खेल की दुनिया से निकलकर इन पहलवानों ने टीवी की चकाचौंध और राजनीति के गलियारों में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि ह्रास हुआ कुश्ती का और युवा खिलाड़ियों के करियर का। इस आंदोलन की क्रोनोलॉजी को देखें तो जुलाई 2023 एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जब IOA की एड-हॉक कमेटी ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को 'ट्रायल से छूट' देकर एशियाई खेलों के लिए "सीधे प्रवेश" दे दिया। इस फैसले ने साफ कर दिया कि विरोध प्रदर्शन का एक बड़ा फायदा इन पहलवानों को 'बिना मेहनत' चयन के ...